शुक्रवार, 8 अप्रैल 2011

अन्ना हज़ारे : गूँज रहे हैं गली , चौबारे

जन जन के मन की बात का अनहद नाद बन अन्ना हज़ारे गूँज रहे हैं गली , गाँव, चौबारे ... आईये उनके सुर में सुर मिलाएँ ; जहाँ, जिससे, जैसे हो सके , कुछ नहीं तो मन में ही पूरी आस्था से गुनगुनाएँ.

1 टिप्पणी:

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

उन्होंने एक नई क्रांति का आव्हान किया है..... सार्थक पोस्ट