शनिवार, 19 मार्च 2011

अमरण की ओर: फुकुशीमा फिफ्टी


दुनिया भर की नज़रें जापान के फुकुशीमा न्यूक्लियर प्लांट पर लगी हैं जहाँ काफी समय बीत जाने के बाद भी विनाश का खतरा बढ़ता ही जा रहा है. विकिरण का स्तर बढ़ने के साथ जहाँ प्लांट के ज़्यादातर कर्मचारी सुरक्षित स्थानों पर चले गए, वहीं कुछ कर्मचारी ऐसे हैं जिन्होंने मौत की शर्त पर भी देश और मनुष्यता को बचाने का बीड़ा उठाया हुआ है. ये 50 हैं 70 या 300 इस बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं है. अजेय नाभिकीय योद्धाओं के इस दल को फुकुशीमा फिफ्टी का नाम दिया गया है और यह दल ही जानलेवा विकिरण तथा जापान और दुनिया के लोगों के बीच की अंतिम सुरक्षा पंक्ति बना हुआ है.
अपने प्राणों का होम कर मनुष्यता का पोषण करने वाले इन नाभिकीय योद्धाओं को हमारा विनम्र नमन.

जापान की विभीषिका को देखते हुए भारत के जैतपुर में लगने वाले न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में ग्रीन पीस ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया है नीचे दर्ज लिंक के ज़रिये इस अभियान से जुड़कर आप भी नाभिकीय योद्धा बन सकते हैं.


फुकुशीमा न्यूक्लियर प्लांट और जापान की विभीषिका के बारे में गार्जियन के पेज पर लगातार अपडेटेड सूचना निम्नलिखित लिंक पर दी जा रही है -
http://www.guardian.co.uk/world/blog/2011/mar/16/japan-nuclear-crisis-tsunami-aftermath-live


कोई टिप्पणी नहीं: